Aashiq
Sunday, September 7, 2014
इंतज़ार
ठहर न पाते ये लफ़्ज़ ईस श्याही पर ,
अगर आप पर हमको भरोसा न होता ,
आएंगे आप हमारी जिंदगी में
वो रूहानी दिलासा न होता ,
हँसेगी ज़रूर पढ़के आप ,
उस ख़ुशी का इंतज़ार न होता।
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